बन के चन्दन सा सजे, भारत माँ के भाल। बन के चन्दन सा सजे, भारत माँ के भाल।
ना कोई अन्याय करे ना किसी को सतायेंगे, ना कोई अन्याय करे ना किसी को सतायेंगे,
वापिस एक दिन आऊँगा और तेरी मांग सजाऊँगा। वापिस एक दिन आऊँगा और तेरी मांग सजाऊँगा।
आज कर रही है निर्भया इस न्याय का आभार, है वो इस देश की भी शुक्रगुज़ार आज कर रही है निर्भया इस न्याय का आभार, है वो इस देश की भी शुक्रगुज़ार
ये रंग भी मुझमें कैसा चढ़ा उत्साह और जुनून से भरा। ये रंग भी मुझमें कैसा चढ़ा उत्साह और जुनून से भरा।
लाल-लाल जो दिखता है, जमीन के नीचे छिपा रहता है। लाल-लाल जो दिखता है, जमीन के नीचे छिपा रहता है।